लोमड़ी और सारस

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लोमड़ी और सारस

लोमड़ी और सारस

एक बार की बात है, एक चालाक लोमड़ी ने सारस को खाने पर आमंत्रित किया। लोमड़ी ने स्वादिष्ट सूप बनाया और उसे चौड़ी प्लेटों में परोसा। लोमड़ी ने आसानी से सूप पी लिया, लेकिन लंबे चोंच वाले सारस के लिए सूप पीना मुश्किल था, और वह भूखा ही घर चला गया। लोमड़ी अपनी चालाकी पर हंस रही थी, सोच रही थी कि उसने सारस को बेवकूफ बना दिया।

कुछ दिनों बाद, सारस ने लोमड़ी को सबक सिखाने का निश्चय किया। उसने लोमड़ी को अपने घर खाने पर बुलाया। लोमड़ी ने खुशी-खुशी निमंत्रण स्वीकार कर लिया, एक और दावत की उम्मीद में। जब लोमड़ी पहुंची, तो सारस ने स्वादिष्ट भोजन तैयार किया, लेकिन इस बार लंबे और संकरे जार में परोसा। सारस ने अपनी लंबी चोंच से आसानी से खाना खा लिया, लेकिन लोमड़ी जार के अंदर का खाना नहीं पहुंच सकी। वह संघर्ष करती रही और अंततः समझ गई कि उसके साथ वही हो रहा है जो उसने सारस के साथ किया था।

सारस ने शांति से कहा, "तुमने अपने मजाक का मजा लिया, अब मेरी बारी है।" लोमड़ी शर्मिंदा और भूखी सारस के घर से चली गई, और उसने एक महत्वपूर्ण सबक सीखा।

लोमड़ी और सारस की यह कहानी हमें सिखाती है कि जैसा करेंगे, वैसा ही भोगेंगे, और हमें दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा हम अपने लिए चाहते हैं।

बिल्कुल! यहाँ "लोमड़ी और सारस: जैसा करोगे, वैसा पाओगे" कहानी पर आधारित 10 रिक्त स्थान भरने वाले प्रश्न दिए गए हैं, साथ ही संकेत, संदर्भ, और उत्तर भी दिए गए हैं।

1. चालाक __________ ने सारस को खाने पर बुलाया।

2. लोमड़ी ने सूप __________ प्लेटों में परोसा।

3. लंबे __________ के कारण सारस सूप नहीं पी सका।   

4. लोमड़ी अपनी __________ पर हंस रही थी। 

5. सारस ने लोमड़ी को सबक __________ का निश्चय किया।

6. सारस ने भोजन __________ और संकरे जार में परोसा। 

7. लोमड़ी __________ तक नहीं पहुंच सकी।

8. सारस ने कहा, "अब मेरी बारी है __________ करने की।"

9. शर्मिंदा और __________ लोमड़ी सारस के घर से चली गई। 

10. कहानी हमें सिखाती है कि जैसा करोगे, वैसा __________। 

उत्तर: 1. लोमड़ी, 2. चौड़ी, 3. चोंच, 4. चालाकी, 5. सिखाने, 6. लंबे, 7. खाना, 8. मजाक, 9. भूखी, 10. पाओगे

बिल्कुल! यहाँ "लोमड़ी और सारस: जैसा करोगे, वैसा पाओगे" कहानी पर आधारित 10 मिलान वाले प्रश्न दिए गए हैं, साथ ही उत्तर भी दिए गए हैं।

कॉलम A 

1. चालाक लोमड़ी 

2. चौड़ी प्लेटें

3. लंबी चोंच

4. सारस

5. सबक सिखाना

6. ऊँचे और पतले जार

7. मजाक 

8. भूखी

9. वापस पाना

10. खाने पर आमंत्रित करना

कॉलम B

(a) लंबी चोंच

(b) सबक सिखाना

(c) वापस पाना

(d) खाने पर आमंत्रित करना

(e) ऊँचे और पतले जार

(f) भूखी

(g) चालाकी पर हंसना

(h) चालाक जानवर

(i) सूप नहीं पी सका

(j) मज़ाक

उत्तर:

1.  चालाक लोमड़ी - h:चालाक जानवर  

2. चौड़ी प्लेटें - i: सूप नहीं पी सका  

3.  लंबी चोंच - a: लंबी चोंच  

4.  सारस - j: मज़ाक  

5.   सबक सिखाना - b: सबक सिखाना  

6. ऊँचे और पतले जार - e: ऊँचे और पतले जार  

7.  मजाक - g: चालाकी पर हंसना  

8.  भूखी - f: भूखी  

9.  वापस पाना - c: वापस पाना  

10.  खाने पर आमंत्रित करना - d: खाने पर आमंत्रित करना

 

बिल्कुल! यहाँ पर इस कहानी से संबंधित 10 मौखिक प्रश्न और उनके उत्तर हिंदी में दिए गए हैं:

प्रश्न:1. सबसे पहले किसने किसको रात के खाने के लिए आमंत्रित किया?

उत्तर: सबसे पहले लोमड़ी ने सारस को रात के खाने के लिए आमंत्रित किया।

प्रश्न:2. लोमड़ी ने सारस के लिए किस प्रकार का भोजन तैयार किया?

उत्तर: लोमड़ी ने सारस के लिए स्वादिष्ट सूप तैयार किया।

प्रश्न:3. सूप किस प्रकार के बर्तनों में परोसा गया था?

उत्तर: सूप उथले बर्तनों में परोसा गया था।

प्रश्न:4. सारस सूप क्यों नहीं पी सका?

उत्तर: सारस सूप नहीं पी सका क्योंकि उसकी लंबी चोंच उथले बर्तनों तक नहीं पहुंच सकी।

प्रश्न:5. सारस के भूखे घर लौटने के बाद लोमड़ी ने क्या सोचा?

उत्तर: लोमड़ी हंस पड़ी और खुद को बहुत चतुर समझने लगी।

प्रश्न:6. सारस ने लोमड़ी को सबक सिखाने के लिए क्या किया?

उत्तर: सारस ने लोमड़ी को अपने घर रात के खाने के लिए आमंत्रित किया और भोजन लंबे, संकरे बर्तनों में परोसा।

प्रश्न:7. जब लोमड़ी सारस के घर आई, तो सारस ने कैसे खाना खाया?

उत्तर: सारस ने अपनी लंबी चोंच का उपयोग करके आसानी से लंबी, संकरी जारों से अपना भोजन खा लिया।

प्रश्न:8. सारस द्वारा परोसे गए भोजन को लोमड़ी क्यों नहीं खा सकी?

उत्तर: लोमड़ी लंबे, संकरे बर्तनों के अंदर का भोजन नहीं निकाल पाई।

प्रश्न:9. जब लोमड़ी ने भोजन करने में संघर्ष किया, तो सारस ने क्या कहा?

उत्तर: सारस ने कहा, "तुमने उस दिन अपने मजाक का आनंद लिया। अब मेरी बारी है हंसने की।"

प्रश्न:10. अंत में लोमड़ी ने क्या सबक सीखा?

उत्तर: लोमड़ी ने सीखा कि हमें हमेशा दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा हम चाहते हैं कि हमारे साथ किया जाए, और जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे।

 

यहाँ पर इस कहानी से संबंधित 10 विस्तृत प्रश्न और उनके उत्तर हिंदी में दिए गए हैं:

प्रश्न:1. सबसे पहले लोमड़ी ने सारस को रात के खाने के लिए क्यों आमंत्रित किया था?

उत्तर: लोमड़ी ने सारस को रात के खाने के लिए आमंत्रित किया था ताकि वह सारस के साथ मजाक कर सके और उसे नीचा दिखा सके। उसने पहले से ही योजना बनाई थी कि वह सारस के लिए ऐसा भोजन परोसेगा जिसे सारस अपनी लंबी चोंच के कारण नहीं खा सके।

प्रश्न:2. लोमड़ी ने किस प्रकार का सूप तैयार किया और उसे कैसे परोसा?

उत्तर: लोमड़ी ने एक स्वादिष्ट सूप तैयार किया और उसे उथले बर्तनों में परोसा। इस प्रकार के बर्तन में लोमड़ी आसानी से सूप पी सकती थी, लेकिन सारस अपनी लंबी चोंच के कारण ऐसा नहीं कर सकता था।

प्रश्न:3. जब सारस सूप नहीं पी सका, तो उसकी क्या प्रतिक्रिया थी?

उत्तर: जब सारस सूप नहीं पी सका, तो वह चुपचाप और भूखा ही घर लौट गया। उसने अपनी परेशानी को प्रकट नहीं किया, लेकिन मन ही मन उसने लोमड़ी को सबक सिखाने का निश्चय किया।

प्रश्न:4. लोमड़ी ने सारस के भूखे घर लौटने पर क्या सोचा और क्यों?

उत्तर: लोमड़ी ने सोचा कि उसने बहुत चालाकी से सारस के साथ मजाक किया है और वह अपनी चतुराई पर गर्व महसूस कर रही थी। उसे यह देखकर मजा आ रहा था कि सारस उसकी योजना के अनुसार सूप नहीं पी सका।

प्रश्न:5. सारस ने लोमड़ी को सबक सिखाने के लिए क्या योजना बनाई?

उत्तर: सारस ने लोमड़ी को सबक सिखाने के लिए उसे अपने घर रात के खाने के लिए आमंत्रित किया। उसने ऐसा भोजन तैयार किया जिसे वह स्वयं अपनी लंबी चोंच से आसानी से खा सके, लेकिन लोमड़ी के लिए इसे खाना असंभव हो।

प्रश्न:6. सारस ने लोमड़ी के आने पर उसे किस प्रकार का भोजन परोसा?

उत्तर: सारस ने लोमड़ी को लंबी, संकरी जारों में भोजन परोसा। इन जारों में केवल सारस की लंबी चोंच ही पहुंच सकती थी, जबकि लोमड़ी का मुंह इन जारों के अंदर नहीं जा सकता था।

प्रश्न:7. जब लोमड़ी सारस के घर भोजन करने आई, तो उसे किस कठिनाई का सामना करना पड़ा?

उत्तर: लोमड़ी को कठिनाई का सामना करना पड़ा क्योंकि वह संकरी जारों में रखे भोजन को नहीं खा सकी। वह जारों के अंदर अपने मुंह को नहीं डाल सकी और भूखी रह गई।

प्रश्न:8. सारस ने लोमड़ी को क्या कहा जब उसने लोमड़ी को भोजन करने में संघर्ष करते देखा?

उत्तर: सारस ने लोमड़ी से कहा, "तुमने उस दिन अपने मजाक का आनंद लिया। अब मेरी बारी है हंसने की।" उसने लोमड़ी को उसकी ही चालाकी का जवाब देकर सबक सिखाया।

प्रश्न:9. लोमड़ी की क्या प्रतिक्रिया थी जब उसे एहसास हुआ कि उसे उसी तरह से मूर्ख बनाया गया है?

उत्तर: लोमड़ी शर्मिंदा और भूखी थी। उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने समझा कि जैसा वह दूसरों के साथ करेगी, वैसा ही उसके साथ भी होगा।

प्रश्न:10. इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

उत्तर: इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि हमें हमेशा दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा हम चाहते हैं कि हमारे साथ किया जाए। कहानी यह सिखाती है कि जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे, और किसी के साथ छल करने का परिणाम खुद पर भी वापस आ सकता है।

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